Skip to main content

खिड़कियों के प्रकार (Types of windows) - (1) साधारण फरमेदार या केसमेंट खिड़की (Casement window),(2) कीलकित या घूर्णी खिड़की (Pivoted or Revolving window),(3) त्रिदिशा या बे -खिड़की (Bay or Projected window),(4) कोना खिड़की (Corner window),(5) रोशनदान (Clerestorey window),(6) झिलमिली खिड़की (Louvered window),(7) फैन लाइट या तिल्ली रोशनदान (Fan -light),(8) त्रिअंकी खिड़की (Gable window) छतो में लगाई जाने वाली खिड़कियां,(1) बहिगर्त या डामर खिड़की (Dormer window),(2) ढालू छत रोशनदान (Sky -light),(3) चपटी छत रोशनदान (Lantern light),(4)रिज रोशनदान (Ridge Ventilator)

खिड़कियों के प्रकार (Types of windows)

 खिड़कियां निम्न प्रकार की होती हैं -

(1) साधारण फरमेदार  या केसमेंट खिड़की (Casement window)

(2) कीलकित या घूर्णी खिड़की (Pivoted or Revolving window)

(3) त्रिदिशा या बे -खिड़की (Bay or Projected window)

(4) कोना खिड़की (Corner window)

(5) रोशनदान (Clerestorey window)

(6) झिलमिली खिड़की (Louvered window)

(7) फैन लाइट या तिल्ली रोशनदान (Fan -light)

(8) त्रिअंकी खिड़की (Gable window)


 छतो में लगाई जाने वाली खिड़कियां

(1) बहिगर्त या डामर खिड़की (Dormer window)

(2) ढालू छत रोशनदान (Sky -light)

(3) चपटी छत रोशनदान (Lantern light)

(4)रिज रोशनदान (Ridge Ventilator)


Types of windows

 The types of windows are as follows -

 (1) Casement window

 (2) Pivoted or Revolving window

 (3) Bay or Projected window

 (4) Corner window

 (5) Clerestorey window

 (6) Louvered window

 (7) Fan light or fan-light

 (8) Gable window


 Roof windows

 (1) Dormer window

 (2) Slope roof skylight

 (3) Lantern light

 (4) Ridge Ventilator 



1.साधारण फरमेदार  या केसमेंट खिड़की (Casement window)


रचना

 यह खिड़की एक साधारण दरवाजे की भांति होती है | जिसमें चौखट लगाकर कपाट फिट कर दिए जाते हैं | इस खिड़की के पल्ले पूर्णतः कांचदार अथवा आंशिक रूप से कांचदार व पैनल वाले होते हैं | कांच लगाने के लिए स्टाइलो और रेलो (क्षेतिज पट्टी ) के बीच पतली पट्टी जिसे संधार पट्टी कहते हैं लगाई जाती है |


उपयोग

 केसमेंट खिड़की आवासीय व सार्वजनिक भवनों में बड़े पैमाने पर लगाई जाती है | इस खिड़की का संचालन तथा देखभाल बड़ी सरल है |


1.Casement window


 composition

 This window is like an ordinary door.  In which the doors are fitted by frame.  The windows in this window are fully glazed or partially glazed and paneled.  For applying glass, a thin strip, called a bandage strip, is placed between the style and the rail.


 Use

 Casement windows are installed on a large scale in residential and public buildings.  The operation and maintenance of this window is very simple.


2.कीलकित या घूर्णी खिड़की (Pivoted or Revolving window)


रचना

इस खिड़की का पल्ला कब्ज़ाे द्वारा चौखट के ऊर्ध्वाधर उपस्तंभ से फिट ना होकर हेड व सिल के मध्य लगी धुरी (Pivot)पर अटकाया जाता है, जिससे यह उस ऊर्ध्वाधर तल में घूम सके | खुलने पर पल्ले का आधा भाग बाहर की तरफ तथा आधा भाग अंदर की तरफ घूम जाता है | खिड़की के पल्ले को किसी भी कोण पर खोलकर वायु के प्रवेश पर नियंत्रण किया जा सकता है | यह खिड़की भवन की शोभा बढ़ाती है |


 उपयोग
 
घूर्णी खिड़की आवासीय व सार्वजनिक भवनों, सरकारी दफ्तरों तथा नियंत्रण कक्षाे मे लगाई जाती है | यह खिड़की ऊपरी तलों पर अधिक उपयुक्त रहती है | निगरानी टावर व केबिनो के लिए खिड़की ठीक रहती है |


2.Pivoted or Revolving window


 composition

 Shutter of this window is not attached to the vertical substandard of the frame by attaching it to the axis (Pivot) between the head and the sill, so that it can rotate in that vertical plane. On opening, half of the pudge is turned outward and half of it rotates inward. The entry of air can be controlled by opening the window at any angle. This window adorns the building.


 Use

 Rotational windows are installed in residential and public buildings, government offices and control classes. This window is more suitable on the upper floors. The window is good for surveillance towers and cabins.


3.त्रिदिशा या बे -खिड़की (Bay or Projected window)


रचना

 यह खिड़की कमरे की दीवार से कुछ बाहर निकली हुई लगाई जाती है | यह खिड़की समान्यता तीन दिशा वाली होती है ताकि तीनों तरफ से प्रकाश व वायु कमरे के भीतर आ सके | यह खिड़की सामान क्षेत्रफल वाली सामान्य खिड़की से अधिक प्रकाश व वायु कमरे के भीतर आने देती है | जब इस खिड़की की सिल (sill) कमरे के फर्श तल पर होती है, तब यह झरोखा खिड़की  कही जाती है |


 उपयोग

 यह खिड़की निरीक्षण कार्य में सहायक होती है, क्योंकि खिड़की से बाहर तीनों दिशाओं की वस्तुएं दिखती है | यह खिड़की निरीक्षण टावर, अधिकारियों के कक्ष, सोने के कमरे, किचन आदि में लगाई जाती है |


3. Bay or Projected window


 composition

This window is placed out of the wall of the room. This window is usually of three directions so that light and air from all three sides can come inside the room.  This window allows more light and air inside the room than the normal window of the same area.  When the sill of this window is on the floor of the room, then it is called the gazebo window.


 Use

 This window helps in inspection work, because outside the window, objects of all three directions are seen.  This window is placed in the inspection tower, officers' rooms, sleeping rooms, kitchens etc.



4. कोना खिड़की (Corner window)

 यह खिड़की कमरे की दो दीवारों के संगम पर लगाई जाती है, ताकि दोनों दिशाओं से प्रकाश वायु भीतर आती रहे | यह आवासीय भवनों तथा निरीक्षण कक्षाे में लगाई जाती है | कोना खिड़की भवन की वास्तु सुंदरता बढ़ाती है |


4.Corner window

 This window is placed at the confluence of the two walls of the room, so that light and air from both directions keeps coming in.  It is installed in residential buildings and inspection classes.  The corner window enhances the architectural beauty of the building.



5.रोशनदान (Clerestorey window)


रचना

 कमरे से दूषित वायु बाहर निकालने के लिए रोशनदान लगाए जाते हैं | यह ऊंचाई पर सीलिंग (Ceiling) के पास रखे जाते हैं | रोशनदान से आकाश का प्रकाश सीधा भीतर आता है, रोशनदान का कपाट दो क्षेतिज कीली पर लटका रहता है | रोशनदान के पल्ले का ऊपरी भाग भीतर को खुलना चाहिए ताकि यह डोरी की सहायता से कमरे के अंदर से ही खोला जा सके और वर्षा का पानी कमरे के अंदर ना आने पाये |

 जो रोशनदान केवल प्रकाश के लिए लगाए जाते हैं, उनमे खुलने वाला पल्ला नहीं होता, कांच को सीधे फ्रेम मे जड़ दिया जाता है |


 उपयोग

 सभी आवासीय तथा सार्वजनिक भवनों में दूषित वायु के निकास के लिए रोशनदान लगाए जाते हैं | वातानुकूलित कमरों में अथवा एग्जॉस्ट पंखे (Exhaust fan) लगाने पर, रोशनदान की आवश्यकता नहीं रहती है |


5. Clerestorey window


 composition

 Skylights are applied to remove contaminated air from the room.  They are kept at a height near Ceiling.  The light of the sky comes directly from the skylight, the skylight hangs on two horizontal spikes.  The upper part of the skylight should be opened inside so that it can be opened from inside the room with the help of lanyard and rain water does not get inside the room.

 The skylight which is applied only for light does not have an opening board, the glass is directly rooted in the frame.


 Use

 In all residential and public buildings, skylights are placed to drain contaminated air.  No ventilation is required in air-conditioned rooms or when installing exhaust fans.



6.झिलमिली खिड़की (Louvered window)

 यह खिड़की झिलमिली दरवाजों की भांति बनाई जाती है | इस खिड़की की बंद अवस्था में, हवा का आवागमन बराबर बना रहता है और कमरे की दृश्य गोपनीयता भी बनी रहती है | झिलमिली पत्तियां एक डोरी व हिंज की सहायता से किसी भी कोण पर  समंजित की जा सकती है अथवा ये स्थिर प्रकार की भी होती है |


 उपयोग

 यह खिड़की फैक्ट्री, स्नान घरो, शौचालय आदि में अधिक लगाई जाती है | यात्री गाड़ी के डिब्बों की खिड़कियों के बाहरी पट झिलमिली होते हैं | बैंकों तथा अधिकारियों के कक्ष की खिड़कियां झिलमिली बनायी जाती हैं | 


6.Louvered window


 This window is made like a Louvered door.  In the closed state of this window, the movement of air remains equal and the visual privacy of the room also remains.  Louvered leaves can be adjusted at any angle with the help of a string and a hinge, or they are also of a stable type.


 Use

 This window is installed more in factories, bath houses, toilets etc.  The outer boards of the windows of the passenger train compartments are Louvered .  The windows of the banks and officers' rooms are made of Louvered.



7.फैन लाइट या तिल्ली रोशनदान (Fan -light)

 इसको तिल्ली रोशनदान या पँखी रोशनदान भी कहते हैं | यह दरवाजे या खिड़की के ठीक ऊपर, उसी चौखट में एक अनुप्रस्थीका (Transome) अवयव लगाकर, बनाया जाता है | दरवाजे या खिड़की के किवाड़ बंद होने पर भी फैन लाइट से कमरे में, वायु व रोशनी आती रहती है | इस रोशनदान की स्थिति छत वाले पंखे की ऊंचाई पर पड़ती है | फैन लाइट के लगाने पर छत के पास रोशनदान लगाने की आवश्यकता नहीं रहती है | बहुतली सार्वजनिक भवनों में, जहां कमरों के दरवाजे भीतरी लंबे बरामदे (Corridor)खुलते हैं, बरामदे में प्रकाश के लिए फैन लाइट विशेष रूप से लगाई जाती है |



7. Fan light 

 It is made by placing a transome component in the same frame, just above the door or window. Even after the doors or windows are closed, the fan light keeps the air and light coming in the room. The position of this skylight falls at the height of the ceiling fan. There is no need to apply a skylight near the ceiling when the fan lights are installed. In many public buildings, where the doors of the rooms open the inner corridor, fan lights are specially installed to light the verandah.


8.त्रिअंकी खिड़की (Gable window)

 यह साधारण फरमेदार खिड़की होती है जो ढालूं छतों के त्रिकोणी - सिरा दीवार (End wall)में लगाई जाती है |
 ढालू छतों की सिरा दीवारें ( जो कैची के पाट के समांतर  होती हैं ) त्रिअंकी सिरे वाली (Gable end) कहलाती है और उनके ऊपरी भाग में लगाई गई खिड़की त्रिअंकी खिड़की कहलती है |


8. Gable window

 This is a simple framed window that is placed in the Triangle - Extremity wall of the sloping roofs.

 The side walls of the sloping roofs (which are parallel to the roof of the truss) are called the Gable end and the window at the top of them is called the Gable window.



छतो में लगाई जाने वाली खिड़कियां
(Roof windows)


1. बहिगर्त या डामर खिड़की (Dormer window)

 यह खिड़की ऊर्ध्वाधर (खड़ी)स्थिति में ढालू छतों में लगाई जाती है, ताकि कमरे में प्रकाश व वायु का सीधा प्रवेश हो सके | क्योंकि यह खिड़की ढालूं छत से बाहर निकली रहती है अतः खिड़की की छत और साइडों को जलरोधक बनाया जाता है ताकि इनसे वर्षा का जल अंदर न आये |

 यह खिड़की पर्वतीय क्षेत्रों के आवासीय भवनों तथा फैक्ट्री शेडो की तिरछी छतो मे लगाई जाती है |


1.Dormer window

 This window is placed in sloping roofs in vertical position, so that light and air can directly enter the room. Because this window keeps coming out of the roof, so the roof and sides of the window are made waterproof so that rainwater does not come in from them.

 This window is installed in the sloping roofs of residential buildings and factory sheds in the mountainous areas.


2.ढालू छत रोशनदान (Sky -light)

 यह रोशनदान ढालू छतों में, ढाल के समानांतर, छत का उचित भाग काट कर बनाया जाता है | रोशनी के लिए इसके फ्रेम में कांच जड़ दिया जाता है | इस रोशनदान से, आकाश से प्रकाश सीधा भीतरी फर्श पर पड़ता है | इसे ढालू छत का झरोखा भी कहते हैं |


 रचना

 इस रोशनदान को बनाने की विधि ढालू छत के राफ्टर (Rafter)को काटकर, लकड़ी की कर्ब - कड़ियों का फ्रेम लगाया जाता है | कर्ब -कड़ियों के शीर्ष पर आधार पट्टियां लगाकर इसमें कांच लगा दिया जाता है |


 उपयोग

 यह रोशनदान मिलो व कारखानों के बड़े पाट वाले शेडो की तिरछी छत में लगाए जाते हैं, ताकि आकाश से सीधा प्रकाश अंदर आ सके |

 आजकल स्काईलाइट के स्थान पर ढालू छत की एक अथवा दो सामान्य लहरिया चादरों को निकाल कर, उसके स्थान पर फाइबर कांच या प्लास्टिक की पारदर्शक लहरिया शीट लगा दी जाती है, जो शैड में पर्याप्त प्रकाश आने देती है | यह व्यवस्था सरल और मितव्ययी पड़ती है |


2.Slope roof skylight

 This skylight is made by cutting the appropriate part of the roof in the sloping roofs, parallel to the slope. Glass is rooted in its frame for illumination. With this skylight, light from the sky falls directly on the inner floor. It is also known as the roof of the sloping roof.


 composition

 The method of making this skylight is by cutting the rafter of the sloping roof, and the frame of wooden curb-links is applied. The top of the curb-rings are fitted with base straps and glass is applied to it.


 Use

 These skylight mills and factories are installed in the sloping roof of the large covered sheds, so that light from the sky can come in directly.

 Nowadays one or two normal wavy sheets of sloping roof are removed in place of skylight, in place of fiber glass or plastic transparent wavy sheet, which allows sufficient light to come into the shad. This system is simple and frugal.


3.चपटी छत रोशनदान (Lantern light)

 ऐसे गलियारे (Gallery) अथवा भीतरी कमरे, जो चारों ओर से अन्य कमरों से घिरे होते हैं अथवा जिनकी दीवारों में रोशनदान या खिड़कियां नहीं लगाई जा सकती है, प्राकृतिक प्रकाश प्राप्त करने के लिए उनकी छत में रोशनदान लगाए जाते हैं | इसे लालटेन (lanterns) भी कहते हैं |

 यह रोशनदान छत से कुछ ऊपर निकले रहते हैं और बॉक्स के आकार के होते हैं | रोशनदान की चारों ऊर्ध्वाधर साइडों में प्रकाश के लिए कांच लगाया जाता है | कमरे में वर्षा के पानी को रोकने के लिए, रोशनदान की छत पर स्लैब या लहरिया चादरे लगा दी जाती हैं | यह रोशनदान भीतरी कमरों की दूषित हवा के निकास के लिए भी उत्तम रहते हैं |


 उपयोग

 ऐसे छत रोशनदान कोर्ट कचहरी के भवनों, सरकारी कार्यालयो, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों आदि की पुरानी बनी बिल्डिंगों में देखे जा सकते हैं | जहां अनेक कमरे एक दूसरे से सटे हुए बनाए गये है | क्योंकि अब कृतिम प्रकाश ( विद्युत ) अधिक सुविधाजनक रहता है | अतः नए भवनों में छत रोशनदान नहीं बनाए जाते हैं | क्योंकि ऐसी छतों पर बाद में ऊपरी मंजिल बनाने में कठिनाई आती है |


3.Lantern light

 Galleries or inner rooms, which are surrounded by other rooms from all around or whose walls cannot have skylight or windows, are installed in their ceilings to get natural light. It is also called lanterns.

 These skylights stick out from the ceiling and are box-shaped. Glass is used for lighting in the four vertical sides of the skylight. To prevent rainwater in the room, slabs or undulating sheets are placed on the roof of the skylight. These skylights are also good for the removal of contaminated air in the inner rooms.


 Use

 Such roof lights can be seen in the old buildings of the courts, government offices, hospitals, railway stations etc. Where many rooms are built adjacent to each other. Because now artificial light (electricity) is more convenient. Therefore,  Lantern lights are not made in new buildings. Because on such roofs, later it becomes difficult to build the upper floor.


4.रिज रोशनदान (Ridge Ventilator)

 यह रोशनदान शेडो की ढालूं छतों में, कैची की रिज में बनाया जाता है ताकि शैड से धुआँ, गर्म गैसे, दूषित वायु आदि बाहर निकलती रहे | इस रोशनदान से रिज से प्रकाश भी अंदर आता है |


4.Ridge Ventilator

 This skylight is made in the sloping terraces of the shadows, in the ridge of the truss so that smoke, hot gases, contaminated air, etc. can come out from the shad. The light from
the ridge also comes in with this skylight.



Popular posts from this blog

भवनों के प्रकार (Types of Building) - (1) आवासीय भवन (Residential Buildings)(2) सार्वजनिक भवन (Public Buildings)(3) व्यवसायिक भवन (Commercial Buildings )(4) औद्योगिक भवन (Industrial Buildings)(5) धार्मिक तथा ऐतिहासिक भवन (Religious and Historical Buildings), उपयोग के आधार पर राष्ट्रीय भवन संहिता में भवनों को निम्न 9 वर्गों में रखा गया है -वर्ग A - आवासीय भवन (Residential)वर्ग B - शैक्षणिक भवन (Educational)वर्ग C - संस्थागत भवन (Institutional)वर्ग D - सभा भवन (Assembly)वर्ग E - व्यवसायिक भवन (Business)वर्ग F - वाणिज्यिक भवन (Mercantile)वर्ग G - औद्योगिक भवन (Industrial)वर्ग H - भंडार भवन (Storage)वर्ग J - जोखिम वाले भवन (Hazardous)

भवनों के प्रकार (Types of Building)  प्रयोग की दृष्टि से भवन निम्नलिखित प्रकार के होते हैं (1) आवासीय भवन (Residential Buildings) (2) सार्वजनिक भवन (Public Buildings) (3) व्यवसायिक भवन (Commercial Buildings ) (4) औद्योगिक भवन (Industrial Buildings) (5) धार्मिक तथा ऐतिहासिक भवन (Religious and Historical Buildings) Types of Building   From the point of view of building, the following types are  (1) Residential Buildings  (2) Public Buildings  (3) Commercial Buildings  (4) Industrial Buildings  (5) Religious and Historical Buildings (1) आवासीय भवन (Residential Buildings)  व्यक्ति अथवा परिवार के रहने के लिए जो मकान बनाए जाते हैं, यह आवासीय भवन कहते हैं | इनमें आवश्यक रूप से सोने के, बैठने के, स्नान करने, खाना बनाने तथा अन्य कार्यों के लिए अलग-अलग कमरे निर्मित किए जाते हैं | यह एकतली अथवा बहुतली होते हैं | इनमे वायु,  प्रकाश की उचित व्यवस्था की जाती है | इनमें पेयजल आपूर्ति तथा दूषित जल निकासी की व्यवस्था भी की जाती है | आवासीय भवनों क...

सर्वेक्षण के मूलभूत सिद्धांत(Basic principles of surveying)

सर्वेक्षण के मूलभूत सिद्धांत (basic principles of survey) कार्य की परिशुद्धता को दृष्टि में रखते हुए सर्वेक्षण के मूलभूत सिद्धांत निम्नलिखित हैं (Following are the basic principles of survey keeping in view the precision of work) 1. पूर्ण से अंश की ओर सर्वेक्षण कार्य बढ़ाना (Working from whole to the part) 2.नए बिंदुओं की स्थिति कम से कम दो संदर्भ बिंदुओं से निर्धारित करना (Locating new points from two Reference point) 1.Working from whole to the part  2.Determining the position of new points with at least two reference points (Locating new points from two reference point) 1.प्रथम सिद्धांत के अनुसार सर्वेक्षण कार्य पूर्ण से शुरू किया जाता है  |और इसे अंश की ओर बढ़ाया जाता है जिस क्षेत्र में सर्वेक्षण करना होता है, सर्वप्रथम उसमें पर्याप्त मुख्य नियंत्रण बिंदुओं का बड़ी सावधानी से चयन किया जाता है, और इन बिंदु की स्थिति की परिशुद्धता से जांच की जाती है,  अब इन बिंदुओं के द्वारा लघु बिंदु स्थापित किए जाती हैं जिनमें कम परिशुद विधि अपनाई जा सकती है |   ...

Types of units ( fundamental & derived units)

Generally following two types of units are used: Fundamental units Derived units Fundamental units: The units which are internationally accepted for measuring the fundamental quantities, like length, mass, time, Amount of substance, temperature, Electric current and luminous intensity. Derived units: The units which are derived from the fundamental units are called derived units. Exp Velocity, Acceleration